फुटबॉल
फुटबॉल दुनियां का सबसे ज्यादा खेला या पसंद किया जाने वाला खेल है । एक सर्वेक्षण के अनुसार दुनियां की लगभग 4 प्रतिशत जनसंख्या नियमित या संगठनात्मक रूप से फुटबॉल खेलती है और स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था भारतीयों को फुटबॉल खेलना चाहिए । स्वास्थ्य की दृष्टि से यह खेल अत्यंत महत्वपूर्ण है ।
FIFA जो फुटबॉल की विश्वस्तरीय संस्था है के सदस्य देशों की संख्या 211 है जो की UNO के सदस्य देशों की कुल संख्या से भी अधिक है । यह इस बात को प्रमाणित करता है की फुटबॉल की लोकप्रियता क्रिकेट जैसे प्रसिद्ध खेल से भी अधिक है ।
फुटबॉल का नामकरण
फुटबॉल के विषय में एक तथ्य जानना अत्यंत जरूरी है कि आखिर इस खेल का नाम फुटबॉल कैसे पड़ा । फुटबॉल शब्द की उत्पत्ति के बारे में लोगों की अलग-अलग राय है । इस विषय में कोई लिखित ऐतिहासिक साक्ष्य तो उपलब्ध नहीं हैं लेकिन कदाचित पैर से गेंद को मारने के कारण ही इसे फुटबॉल कहा गया ।
फीफा के अनुसार फुटबॉल एक चीनी खेल सुजु का विकसित रूप है यानी कि चीन में जो इस तरह का ही खेल खेला जाता था उसे सुजु कहा जाता था । इसके अलावा इसे जापान में असुका, अमेरिका में सोकर, और मिश्र में हरपास्टीन नाम से भी जाना जाता रहा है ।
ब्रिटेन के राजकुमार हेनरी चतुर्थ ने 1408 ई. में फुटबॉल शब्द का इस्तेमाल अंग्रेजी में किया था । इसके साथ ही लैटिन में भी इसका एक विस्तृत इतिहास रहा है । इसके अतिरिक्त 1586 ई० में यह जॉन डेविस नाम के एक समुद्री जहाज के कप्तान के कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रीन लैंड में फुटबॉल नाम से खेला गया । संभवतः तभी से यही नाम इस खेल के लिए रूढ़ हो गया । 15 वीं शताब्दी में फुटबॉल नाम से ही ये खेल स्कॉटलैंड में खेला गया । यानी कि फुटबॉल खेला तो बहुत पहले से ज्यादा था लेकिन अलग-अलग देश में अलग-अलग नाम से जाना जाता था ।
फुटबॉल का इतिहास
फुटबॉल का इतिहास करीब 300 ईसा पूर्व तक जाता है । फुटबॉल खेल की शुरुआत चीन से मानी जाती है । फीफा भी इसी को स्वीकृत करता है । चीन में यह खेल सैन्य अभ्यास के लिए खेला जाता था । ‘हान’ राजवंश में इस खेल के अग्रदूत को ‘त्सू चू’ कहा जाता था जो एक चमड़े की गेंद को लात मार कर खेल की शुरुआत करता था जिसमें पंख आदि भरे रहते थे । ( यह वर्तमान रेफरी की ही तरह लगता है जैसे आज रेफरी खेल की शुरुआत के लिए गेंद को उच्छलता है । ) गेंद की गोलाई 30-40 सेंटीमीटर होती थी तथा एक बांस का जाल भी इस खेल में प्रयोग में लाया जाता था । इस खेल को खेलने के दौरान पैर, छाती, पीठ और कंधे आदि का प्रयोग किया जाता है । इसी कारण इसे फुटबॉल का निकट पूर्वज कहा जाता है ।
चीन के बाद 500-600 वर्ष बाद जापान में ‘केमारी’ नाम का खेल प्रचलित हुआ । इस खेल में त्सू चू की उपलब्धता नहीं होती थी । इस खेल में एक गोल घेरे में खिलाड़ी खड़े होकर एक दूसरे की तरफ गेंद भेजने का काम करते थे । यह खेल आज भी खेला जाता है ।
प्राचीन यूनान में ‘हार्पास्टीन’ नाम का खेल था जिसे दो गुटों द्वारा खेला जाता था । इस खेल में गेंद का आकार छोटा होता था । यह खेल एक आयताकार घेरे में खेला जाता था । यह 700-800 साल तक प्रचालन में रहा था ।
9 वी से 13वी शताब्दी के मध्य इस खेल में खिलाड़ियों की संख्या निश्चित नहीं थी । न विशेष तौर पर किसी नियम का ही पता इस समय तक लगता है । कई बार तो 100 से भी अधिक खिलाड़ी इसमें खेलने आ जाते थे । इसमें हाथ - पैर के साथ ही साथ लाठी डंडों का भी प्रयोग होता था । जिसके कारण काफी लोग हताहत भी होते थे यही कारण है की 1314 ई. में एडवर्ड द्वितीय ने इस खेल पर रोक लगा दी थी । इस दौरान यदि कोई भी फुटबॉल खेलता पाया जाता तो उसे 7 वर्ष की जेल हो जाती थी । इस प्रतिबंध को एलिजाबेथ प्रथम ने भी जारी रखा था ।
पंद्रहवीं सदी में फुटबॉल नाम का ही एक खेल स्कॉटलैंड में खेला जाता था, जहा इसे 1424 ई में फुटबॉल एक्ट के अंतर्गत प्रतिबंधित कर दिया गया था । हालाँकि यह प्रतिबन्ध जल्द ही हटा लिया गया, लेकिन तब तक लोगों में इस खेल की रूचि समाप्त हो गयी थी और एक लम्बे समय के बाद उन्नीसवीं शताब्दी में इसका पुनर्जन्म देखने मिलता है । हालाँकि इस दौरान कई अन्य स्थानों पर यह खेला जा रहा था।
इसके बाद 1526 इंग्लैंड के राजा किन हेनरी अष्टम ने फुटबॉल खेलने में रुचि जताई और एक विशेष प्रकार का जूता बनवाया । 1580 में सर फिलिप सिडनी नेे एक कविता में महिलाओं द्वारा फुटबॉल खेल का वर्णन किया है ।
आधुनिक दुनिया में इस खेल का प्रचलन तेज़ी से बढ़ा। इस खेल के पहले क्लबों (Clubs) की शुरुआत 15वीं शताब्दी में हुयी थी लेकिन ये क्लब किसी भी प्रकार से एकत्रित नहीं थे तथा उनका कोई कार्यालय नहीं हुआ करता था। इस कारण बिना किसी कागज़ात की उपलब्धता के यह निश्चित करना लगभग असंभव सा हो जाता है कि प्राचीनतम क्लब कौन सा था ?
16 वीं शताब्दी के अंत में 17वीं शताब्दी के आरंभ में पहली बार फुटबॉल खेल के मुकाबले की भावना को लाने के लिए गोल की धारणा का विकास हुआ । खिलाड़ियों ने मैदान में दो विपरीत शीर्ष में झाड़िया लगाकर गोलपोस्ट का निर्माण किया । 17 वीं शताब्दी के दौरान 8 या 12 गोल का एक मैच खेला जाता था ।
19वीं शताब्दी में व्यापक रूप से फुटबॉल के विभिन्न रूप के साथ इंग्लैंड के पब्लिक स्कूलों में खेला गया था । इतिहासकारों की मानें तो फुटबॉल क्लब की शुरुआत 1824 में एडिबर्ग में हुई थी । शुरुआत में फुटबॉल क्लब विद्यार्थियों द्वारा बनाया जाता था । उन्हीं में से एक शेफील्ड फुटबॉल क्लब है जो एक अंग्रेजी फुटबॉल क्लब है । इसकी स्थापना 24 अक्टूबर 1857 में हुई थी । यह दुनिया का सबसे पुराना सक्रिय फुटबॉल क्लब है जो आज भी अस्तित्व में है । सबसे पुराना पेशेवर फुटबॉल क्लब था अंग्रेज़ी क्लब नोट्स काउंटी जो कि 1862 में बना था और यह आज भी मौजूद है । धीरे-धीरे इस खेल का फैलाव शुरू होना चालू हो गया और एक समय के बाद व्यापारियों ने इसमें अपनी रूचि दिखाना शुरू कर दिया।
1815 इटर्न कॉलेज ने पहली बार इस खेल के लिए नियम बनाए । 1863 में पहली फेडरेशन लंदन फुटबॉल असोशियाश की स्थापना के साथ ही नियमों के बनने का सिलसिला विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया । इसी वर्ष पहला सार्वजनिक नियम भी बनाया गया । बाद में कुछ और फेडरेशन तथा क्लबों ने इसके नियमों को मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद 1886 में फिर से इसके लिए नियमों को बनाने का सिलसिला प्रारंभ हुआ ।
फुटबॉल का पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के मध्य 30 नवंबर 1872 में ग्लासगो में खेला गया जो बेनतीजा रहा यानी दोनों ही टीमें गोल नहीं कर पाई । इस खेल को देखने के लिए 4000 लोग आए थे । 1883 में दुनिया का पहला बहुदलीय अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला खेला गया जिसमें आयरलैंड, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स की टीमों ने भाग लिया था । इस तरह से फुटबॉल इंग्लैंड में फला फूला और जल्द ही पूरे यूरोपीय महाद्वीप में फैल गया । यूरोप के बाहर ये खेल सबसे पहले अर्जेंटीना में 1862 में खेला गया था । पहली लीग प्रतियोगिता की शुरुआत 1888 में इंग्लैंड में हुई ।
FIFA
20 वीं सदी में खेल को एक ऐसी संस्था की आवश्यकता होने लगी, जो इसकी देखभाल नियमित रूप से कर सके । इंग्लिश फुटबॉल एसोसिएशन की तरफ से कई ऐसी सभाएं आयोजित की गयीं जहाँ से एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की संस्था का निर्माण किया जा सके । फलस्वरूप यूरोप के सात बड़े देश फ्रांस, बेल्जियम, डेनमार्क, नीदरलैंड, स्पेन, स्वीडन और स्विटज़रलैंड ने मिलकर 21 मई 1904 में ‘फेडरेशन इंटरनेशनल ऑफ़ फुटबॉल एसोसिएशन’ (FIFA) की स्थापना फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई जिसका मुख्यालय ज्यूरिक स्विट्जरलैंड में स्थापित किया गया । जिसके पहले अध्यक्ष के रूप में रोबर्ट गुएरिन को नियुक्त किया गया था । इंग्लैंड और अन्य ब्रिटिश देश शुरुआत से फीफा में शामिल नहीं हुए । कालान्तर में ये फीफा में शामिल हुए लेकिन सन 1950 तक वे इस विश्व कप में हिस्सा नहीं ले पाये । तब से लेकर आज तक यह खेल अनेकों फेर बदल से गुजरा और यह खेल एक जूनून बन गया । दुनिया के सबसे कठिन खेलों में फुटबॉल को जाना जाता है तथा इस खेल में प्रत्येक खिलाड़ी की महत्ता मायने रखती है ।
संदर्भ :–
1. https://goo.gl/5sVMKj
2. https://www.fifa.com/about-fifa/who-we-are/the-game/index.html
3. https://www.footballhistory.org/
4. https://kaiseinhindi.com/football-ka-itihas-in-hindi/